Tuesday, 16 March 2010

जीवन


जीना है तो मरना होगा साथ हमारे रहना होगा /
पाओगे जब प्यार कभी तुम्हे प्रेम भी करना होगा //
मस्त जवानी नींद में काटी और बुढापा आया अचानक ,
दर्पण में जब एक दिन देखा , तुमने अपना रूप भयानक ,
होश उड़ गए बिम्ब देख कर , अब प्रतिबिम्ब बदलना होगा //
लाखों बार यहाँ तुम आये , प्रेम तराने तुमने गाये ,
कुछ शरमाए कुछ सकुचाये , सबके दिल पर चित्र बनाए ,
जीवन के सूने चित्रों में , सातों रंग तो भरना होगा //
आओ मिल कर प्यारे गाएँ , सबको अपने साथ चलाएँ ,
प्यार करें और खुद भी पाएँ, जीवन को हम धन्य बनाएँ ,
छोड़ पुराने विरह-गान अब , मिलन-गीत ही रचना होगा //

3 comments:

  1. WENT THROUGH YOUR THREE INSPIRING POEMS. IN THESE THREE POEMS YOU HAVE YOUR HEART SPOKEN OUT. IT WILL BE SO NICE OF YOU IF YOU COULD TELL ME HOW TO ENTER PHOTO IN BLOG PROFILE. GD NT.

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  2. SO INSPIRING AND TOUCHY YOUR POEMS ARE.THESE POEMS SHOW THE REALITY OF A HUMAN BEING.KEEP SENDING ME ALWAYS.IT WOULD BE BE BETTER IF YOU PROVIDE A SMALL TRAINING HOW TO WORK ON THIS SITE. THANK U & GOOD NIGHT.

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  3. कैसे है चमत्कार
    नेकी से हो रही बदी
    लाशें ईमानों की
    हत्यारे ही रखवाले
    काले को उजाला करते
    जादू भरे घुटाले

    लंबोदर का भेष धरे
    पीते दूध की नदी

    आज़ादी के जंगल
    राजा के कांड घिनौने
    इनकी करतूतों को छुपकर
    देखें मृग छौने

    बता रहे ये
    कैसी होगी इक्कीसवीं सदी

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