Friday, 16 April 2010

माँ

प्यारी माँ मुझको तेरी दुआ चाहिए ,
तेरे आँचल की ठंडी हवा चाहिए /
लोरी गा गा के मुझको सुलाती है तू ,
मुस्कुरा के सबेरे जगाती है तू ,
मुझको इसके सिवा और क्या चाहिए ?
तेरी ममता के साए में फूलूँ फलूँ ,
थाम कर तेरी ऊँगली मैं बढ़ता रहूँ ,
आसरा बस तेरे प्यार का चाहिए /
तेरी पूजा से दुनिया में इज्जत मेरी ,
तेरे पाँवों के नीचे है जन्नत मेरी ,
उम्र भर सर पे साया तेरा चाहिए /
अन्ना खाया , पीया जल तुम्हारा सदा ,
प्यार पाया जगत में तुम्हारा सदा ,
क़र्ज़ तेरा उतारूंये भावना चाहिए /
तेरे दुश्मन मिटें ये प्राण है मेरा ,
तू सदा जगमगाए ये मन है मेरा ,
तेरी खुशियाँ बढ़ें , बस यही चाहिए /
शब्द सागर से मोती चुराता रहूँ ,
आप सुनते रहें , मैं सुनाता रहूँ ,
ताली बजती रहे फिर तो क्या चाहिए ?

5 comments:

  1. बहुत सुंदर चित्रण ,
    भगवान आपकी मनोकामना पूरी करे
    धन्यवाद

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  2. बहुत सुंदर
    मातृ दिवस के अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें और मेरी ओर से देश की सभी माताओं को सादर प्रणाम |

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  3. happy mother's day to allll...and wonderful poem sir...nice..

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  4. good poem sir
    bas isi tarah likhte rahiye sir............

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